इलेक्ट्रिक व्हीकल्स हेतु हर 3 किमी पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल हेतु शहरो व राष्ट्रीय राजमार्गो पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की पूरी तयारी में है। जिसके अनुरूप मेट्रो शहर व घनी अबाधि क्षेत्रों में प्रत्येक 3 किमी व राष्ट्रीय राजमार्गो पर प्रत्येक 50 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश को 100% इलेक्ट्रिक वाहन राष्ट्र बनना है। जिसके तहत सरकार ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (NEMMP)-2020 की स्थापना 2013 में की, इसके अनुसार 2020 तक 7-मिलियन इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी दिशा में केंद्र सरकार का यह एक ओर कदम है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, स्विट्ज़रलैंड, अर्जेंटीना आदि देशो में चार्जिंग स्टेशन की सुविधाएं उपलब्ध है।

 

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भारत सरकार का लक्ष्य अगले 3 से 5 सालो में लगभग 30 हज़ार स्लो-चार्जिंग पॉइंट्स व 15 हज़ार फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट्स लगाने का है। व प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर न्यूनतम दो फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट्स होंगे। ख़बर के अनुसार चार्जिंग स्टेशन हेतु जमीन आवंटन का जिम्मा क्षेत्र के मुन्सिपल कारपोरेशन को दिया जाएगा। साथ ही सरकार बिजली वितरण कम्पनिया व अन्य चार्जिंग स्टेशन लगाने की इच्छुक कंपनियों को जमीन लीज़ पर देने के साथ-साथ सब्सिडी भी प्रधान करेगी। इसी के साथ पावर मिनिस्ट्री ने यह साफ़ भी किया है की इलेक्ट्रिसिटी एक्ट – 2003 के अनुसार चार्जिंग पॉइंट्स लगाने हेतु अलग से लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।

हाल ही में महाराष्ट्र में NTPC (National Thermal Power Corporation Limited) इसकी शुरुआत कर चुकी है। इसी दिशा में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने भी L&T Metro Rail, हैदराबाद व दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के साथ मिल कर मेट्रो स्टेशन पर इलेक्ट्रिक कार व रिक्शा के लिए चार्जिंग पॉइंट्स बनाने हेतु समझौता किया है।

देश में कैब सेवा प्रधान करने वाली कंपनी OLA ने नागपुर में देश का पहला चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की है। वही आपको बता दे OLA व Meru जो की दोनों ही देश में कैब सेवाए प्रधान करते है, ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक के साथ गठबंधन कर इलेक्ट्रिक कैब्स की शुरुवात कर चुके है। वही टाटा मोटर्स भी जल्द ही अपनी EV – Tata Tiago व Tigor के साथ बाजार में उतरने को तैयार है। दो पहिया वाहनों में हीरो व हौंडा दोनों ही वैकल्पिक ईंधन – इलेक्ट्रिक तथा CNG स्कूटर/बाइक्स भारतीय बाजार में उतर चुके है।

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क्यों है जरुरी देश में इलेक्ट्रिक वाहन ?

इलेक्ट्रिक कार, पेट्रोल या डीजल की बजाय वैकल्पिक ईंधन बिजली का उपयोग करती है। भारत ऑटोमोबाइल का एक उभरता बाजार है जहा कम्पनिया यहाँ अपना निवेश करना चाहती है। ऐसे में बढ़ती गाड़ियों की मांग, बड़े हुए ईंधन के दाम व वायु प्रदुषण को देखते हुए  देश में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों को स्वीकृति देना अनिवार्य भी था।

  • इसके द्वारा कच्चे फ्यूल के आयात (crude fuel import) व वाहन के running cost में भी कमी आएगी। जिसके परिणाम स्वरुप देश की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा को बचाया सकेगा साथ ही अर्थव्यवस्था में भी सुधार आएगा।
  • आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता में कमी आएगी।
  • 80-90% तक शहरों में प्रदूषण को कम करेगा।

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