गाडी जितना धुआँ छोड़ेगी, उतना टैक्स भरेगी | जानिये

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार एक नए नेशनल ऑटो पॉलिसी पर कार्यरत है। जिसमे ऑटोमोबाइल के लिए उत्सर्जन से जुड़े कराधान (taxation) की मांग पर भी विचार किया जा रहा है। यह नयी पॉलिसी अगले तीन महीनों में तैयार होने की संभावना है।

इसी के साथ इको-फ्रेंडली ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजीज को तेजी से अपनाने के लिए FAME India (Faster Adoption and Manufacturing of Electric & Hybrid Vehicles) को ओर मजबूत करने पर भी चर्चा हुई है।

Heavy Industry Ministry के अधिकारियों ने इस विषय पर बताते हुए कहा है की,“विभिन्न स्टैक होल्डर्स के साथ चर्चा पिछले छह महीनों से नई नीति तैयार करने के लिए चल रही है, जिसमें ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक single nodal regulatory बनाने पर विचार किया जा रहा है।’ 

क्या है नयी पॉलिसी ?

आपको बता दे इस पॉलिसी के तहत जहां पहले जारी की गई नीति के अनुरूप ऑटोमोबाइल के लिए GST संरचना की सिफारिश की गयी थी जो की वर्तमान में गाड़ी की लंबाई, इंजन डिस्प्लेसमेंट(displacement), इंजन के प्रकार औरग्राउंड क्लीयरेंस (ground clearance) पर आधारित है। इसमें बदलाव करते हुए वाहनों का वर्गीकरण गाड़ी की लम्बाई व Co2 उत्सर्जन (emission) के आधार पर करने की बात की जा रही है।

नयी पॉलिसी का उद्देश्य ?

इस नयी पालिसी का उद्देश्य गाड़ी की लंबाई के आधार पर वर्गीकरण द्वारा वाहन की भीड़ में कमी व Co2 उत्सर्जन पर आधारित वर्गीकरण, ग्रीन हाउस गैस (GHG) उत्सर्जन में कमी लाना व green mobility को बढ़ावा देना है।

इसी के साथ नयी पालिसी में logistics से जुडी समस्याओं, green mobility हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर व भारत द्वारा ऑटोमोबाइल निर्यात को बढ़ने जैसे मुद्दों पर भी कार्य किया जा रहा है।

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