टाटा मोटर्स ने Tigor EV की ख़राब परफॉरमेंस पर तोड़ी चुप्पी। जानिए क्या कहा टाटा ने

हाल ही में पर्यावरण दिवस के मौके पर टाटा ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड (EESL) से किये करार के तहत अपनी इलेक्ट्रिक कारों को महाराष्ट्र सरकार को सौंपी थी। यह भारत के इलेक्ट्रिक कार मिशन 2030 का एक हिस्सा था। पर इस स्किम के पहले चरण में ही सरकार का यह कदम उलझनों में फसता नज़र आ रहा है। क्युकी भारत सरकार के कुछ अफसरों ने इन कारो की ख़राब परफॉरमेंस व कम रेंज के चलते उनके उपयोग से परहेज़ दिखाया है।

इस सम्पूर्ण घटना के चलते टाटा मोटर्स ने  इसे चिंता का विषय न बताते हुए एक स्टेटमेंट जाहिर किया है। टाटा मोटर्स में कहा की टाटा मोटर्स के अनुसार, एक दिन में व्यक्तिगत/सिटी उपयोग औसतन 50 से 60 किमी का होता है। इसलिए दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए tigor EV की 130 किमी की सीमा पर्याप्त है। अतः औसत दैनिक उपयोग के लिए बैटरी का रातोंरात चार्ज उपयुक्त है।

साथ ही टाटा मोटर्स द्वारा सरकारी अधिकारियों द्वारा उपयोग के लिए ईईएसएल द्वारा प्राप्त टाटा मोटर्स से Tigor इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के असंतोषजनक प्रदर्शन और लाभ के बारे में आयी खबरें पर स्पष्टीकरण देते हुए निम्नलिखित बिंदु बताए हैं :-
  • ग्राहकों और EESL के साथ हमारी बातचीत के आधार पर, हमने कार की रेंज को एक प्रमुख चिंता के रूप में नहीं सुना है।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए 10,000 कारों का EESL टेंडर एक अभूतपूर्व पहल रही है। इलेक्ट्रिक कारों के लिए देश में वास्तविक रुचि पैदा करने का यह पहला बड़ा कदम और सबसे प्रभावी तरीका था।
  • हमारा मानना ​​है कि विशेषज्ञों के गहन परामर्श के बाद EESL के टेंडर निर्देशों, कार की क़ीमत व दैनिक आवश्यकता के बीच संतुलन बनाते हुए कार को अंतिम रूप दिया गया।
  • टाटा मोटर्स ने टेंडर में प्रदान किए गए निर्देशों के अनुरूप EESL को Tigor EV की आपूर्ति की है।
  • भारत में 74% कार खरीदार अभी भी 4 से 8 लाख के बजट के मध्य सिमटे हुए है। व 1.5 मिलियन अमरीकी डालर से ऊपर की कीमतों के लिए ग्राहक बेहद सीमित संख्या में हैं। ऐसे माहौल में, इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने का सबसे बड़ी बाधा कार की कीमत है और “बैटरी लागत” इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत का महत्वपूर्ण बिंदु है। EESL द्वारा चुने गए स्पेसिफिकेशन ने इस पहलू को नियंत्रण में रखने में मदद की। व शहर के उपयोग के लिए पर्याप्त सीमा का चयन किया गया।
  • शोध निष्कर्ष बताते हैं कि एक दिन में व्यक्तिगत उपयोग के लिए औसत शहरी कार उपभोग लगभग 50-60 किमी है। अतः रातोंरात चार्जिंग द्वारा दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए 130 किमी की सीमा पर्याप्त से अधिक है। इसके अलावा फ़ास्ट चार्जिंग नेटवर्क(Fast Charging Network) के साथ रेंज चिंता का ध्यान रखा जा सकता है। 250KM और उससे अधिक की एक उच्च रेंज का मतलब है कि 7 लाख रुपये से अधिक की लागत, जो मौजूदा Lithium-ion बैटरी की कीमतों के आधार पर अधिकांश भारतीय ग्राहकों की पहुंच से बाहर होगी।
  • भविष्य में, बैटरी की घटती कीमतों के साथ ग्राहकों को कीमत के लिहाज़ से मानसिक आराम देने व इसकी पहुंच बढ़ाना हमरे लिए अनिवार्य होगा। टाटा मोटर्स ने कहा की, “उच्च प्रदर्शन और सीमा प्रदान करने वाली तकनीक उपलब्ध है, लेकिन देश को अगले कुछ सालों में “कीमत/मूल्य” को प्राथमिकता देने की दिशा में कोई सचेत कदम लेना होगा अन्यथा हाई परफॉरमेंस व रेंज के वाहन इसकी अधिक कीमत के कारण सिमित लोगो तक ही पहुंच पाएंगे
  • स्मार्ट गतिशीलता समाधान प्रदान करने हेतु टाटा मोटर्स अपने विशेषज्ञता और अनुभव के साथ इलेक्ट्रिक कारों की एक श्रृंखला बनाने के लिए तैयार है, जो विभिन्न उपयोग मामलों की आवश्यकता को पूरा करेगा। हमने अपना पहला उत्पाद Tigor EV पेश किया है, जो EESL टेंडर के लिए खास तौर पर बनाया गया है। आने वाले वर्षों में, हम इलेक्ट्रिक कारों हेतु भारतीय बाजार में अधिक उत्साह लाने के लिए उच्च श्रेणी और प्रदर्शन वाले उत्पादों को पेश करेंगे। जाहिर है, ऐसी कारों की कीमत, बैटरी क्षमता और लागतके कारण अधिक होगी।
  • टाटा मोटर्स 2030 तक ई-गतिशीलता के सरकार के मिशन के लिए प्रतिबद्ध है, औरइलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और भारत के लिए एक सतत भविष्य बनाने के लिए सहयोगी तरीके से काम करती रहेगी।
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