टोयोटा इंडिया व मारुती सुजुकी ने किया समझौता, घरेलू बाजार में बढ़ांएंगे आपसी सेल्स।

टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने हाल ही में एक समझौता किया है जिसके तहत दोनों कम्पनिया भारतीय बाजार हेतु एक दूसरे के लिए वाहनों की पारस्परिक रूप से आपूर्ति व सेल्स के लिए उत्तरदायी होंगी।

क्या है समझौता ?

इस समझौते के तहत दोनों कम्पनिया के बीच टेक्नोलॉजी डेवेलपमेंट, व्हीकल प्रोडक्शन और मार्केट डेवेलपमेंट आदि शामिल हैं। इसके पहले चरण में टोयोटा, मारुती की प्रीमियम हैचबैक कार Baleno व sub-compact SUV Vitara Breeza का प्रोडक्शन अपने कर्नाटक राज्य में स्थित बिदादी प्लांट में करेगा। जिसे टोयोटा badging के साथ टोयोटा डीलरशिप द्वारा बेचा जाएगा।

आपको ये भी बता दे की टोयोटा ‘मेक इन इंडिया’ सपोर्ट के तहत इन कारो के कम्पोनेंट्स को ज्यादा से ज्यादा स्थानीय तौर पर इनका प्रोडक्शन भी करेगा, जिसके चलते इनकी लागत व कीमत में कमी लायी जा सके। वही टोयोटा की D-segment सेडान Corolla Altis को मारुती अपने Nexa डीलरशिप के माध्यम से बेचेगी।

साथ ही इन तीनो कारों में आ सकने वाे परिवर्तनों के बारे में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस प्रेसिडेंट अत्सुशी ओकी ने कहा, “दोनों मॉडल्स में आने वाले संभावित परिवर्तन अभी भी प्रगति में है और फाइनल प्रोडक्ट्स को किस तरह रोल आउट किया जाएगा, यह समय के दौरान जाना जाएगा।” 

क्या फ़ायदा होगा दोनों कंपनियों को ?

  1. सुजुकी हर सेगमेंट में मार्किट लीडर बानी हुयी है। परन्तु प्रीमियम सेडान के तौर पर मारुती के पास Ciaz से ऊप्पर कोई और अन्य कार नहीं है। इस कमी की Toyota Corolla Altis द्वारा भरपाई की जाएगी।
  2. मानेसर स्थित सुजुकी का प्लांट अपनी प्रोडक्शन सीमा के चरम पर है, वही गुजरात प्लांट भी इसी ओर अग्रसर है। ऐसे में मारुती की कारो का टोयोटा द्वारा प्रोडक्शन, डिमांड व वेटिंग पीरियड को कम करने में सहायक साबित होगा
  3. मारुती के widest नेटवर्क का फ़ायदा टोयोटा की सेल्स को बढ़ने में कारगर साबित हो सकता है।
  4. इसके अलावा सुजुकी का टोयोटा को एक कॉम्पैक्ट, अल्ट्राहाई-एफिशियंसी पावरट्रेन को डेवेलप करने में सपोर्ट मिलेगा।
  5. एक दूसरे की टेक्नोलॉजी का आदान प्रदान होगा।

कब शुरू होगा उत्पादन ?

कंपनियों ने इसकी शुरुआत कब, प्रोडक्शन व सेल्स की संख्या, संभावित परिवर्तनों व कीमत के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है। सम्भावना के तौर पर 2019 तक यह तीनो वाहन इस समझौते के तहत बाज़ार में देखने को मिल सकते है। गत वर्ष नवंबर में की गयी घोषणा के अनुसार दोनों कम्पनिया 2020 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को लांच करेगी।

 

 

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