3 Cylinder Engine 4 Cylinder से आगे या पीछे ?

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नमस्कर दोस्तो, आज इस पोस्ट में हम बात करेंगे 3 Cylinder और 4 Cylinder इंजन के बारे में।  इनमे कहाँ पर 3 Cylinder इंजन फायदेमंद रहता है और कहाँ पर नहीं, वैसे ही 4 Cylinder पर बात करेंगे।

सबसे पहले एक बात मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की 3 Cylinder इंजन under-powered नहीं होते। अगर कोई कार निर्माता यह दावा करती है की उसका 3 Cylinder इंजन 85 bhp की पावर देता है और साथ ही दूसरा इंजन जो की 4 Cylinder वाला है वो भी 85 bhp की पावर देता है तो इसका मतलब दोनों इंजन से आप बराबर काम करवा सकते हैं। इसका मतलब ये नहीं है की 3 Cylinder वाला इंजन से आप कम काम ले पाएंगे। और 1200 cc का 3 Cylinder इंजन 1200 cc के 4 Cylinder इंजन के बराबर पावर दे सकता है।

इंजन के torque का measurement brake dynamometer में किया जाता है। उससे पता चलता है की कोई इंजन किस RPM में कितना Torque और पावर generate करता है।

चलिए जानते है 3 Cylinder इंजन किन किन मामलों में 4 Cylinder इंजन से पीछे है।

 

Refinement

यह Refine नहीं होता मतलब 4 Cylinder इंजन से ज्यादा इसमें आपको vibrations और नॉइज़  महसूस होंगी। 4 Cylinder के पेट्रोल इंजन जब idle होते हैं तो पता भी नहीं चलता के वह स्टार्ट भी है या नहीं। 3 Cylinder इंजन के Vibration का कारण भी है। 3 Cylinder इंजन की Crankshaft जब एक चक्कर लगाती है मतलब 360 degree जब rotate करती है तब हर 120 degree पर इसका Power Stroke होता है।

3 Cylinder

और वहीँ 4 Cylinder इंजन पर 90 degree पर पावर स्ट्रोक मिलता है। 3 Cylinder इंजन में पावर स्ट्रोक में देरी होने के कारण आपको Vibrations महसूस होता है। और ये कार निर्माताओं पर निर्भर करता है की वो इंजन की Vibration को कितना रोक सकते हैं। कई कार निर्माता वाइब्रेशन काम करने के लिए Balancer Shaft का प्रयोग करते हैं जोकि काफी हद तक Vibrations को कम कर देती है।

 

Low speed or initial RPM performance

4 सिलिंडर इंजन में हर 90 degree में पावर generate होती है जिससे पावर की continuity बनी रहती है। और वहीँ 3 Cylinder इंजन में पावर स्ट्रोक का थोड़ा अंतराल होता है और इसे आप तब महसूस करेंगे जब आप धीमी गति में गाड़ी चला रहे हो और आपकी गाड़ी Fully Loaded हो और आपको चढाई करनी हो। तब आप यहाँ पर Vibrations महसूस करेंगे और साथ ही साथ आपको ऐसा लगेगा की आपकी गाड़ी चढाई नहीं कर पाएगी। इस परिस्तिथि में 3 Cylinder इंजन को आपने ज्यादा Revv करना पड़ेगा यानि इंजन के RPM बढ़ाने पड़ेंगे।  जिससे पावर स्ट्रोक के बीच का अंतराल कम या ख़तम हो जाए और आपको बराबर ताकत मिलती रहे। और साथ में जरुरत पड़ेगी बार बार गियर बदलने करने की। अब इसका मतलब ये नहीं है की 4 Cylinder इंजन बिना Revv किये और किसी भी गियर में चढ़ाई चढ़ जाएगा। इसमें भी ऐसा करना पड़ेगा लेकिन 3 Cylinder इंजन से थोड़ा सा कम। और यहाँ पर भी बात आ जाती है की आपके कार निर्माता ने इंजन को कैसे tune किआ है इन परिस्तिथियों के लिए।

 

3 Cylinder इंजन 4 Cylinder से किन मामलों में आगे है।

  • सबसे पहला फायदा है Mileage, इंजन का वजन कम होने से और एक सिलिंडर के कम होने से जो Friction Loss  कम हो जाता है जिससे सीधे गाड़ी के Mileage पर आपको फायदा मिलता है।
  • Low Cost Manufacturing / Purchasing :- 3 Cylinder इंजन पर कम Material और बनाते समय कम Manufacturing Process होने की वजह से इसको बनाने की लागत कम आती है जिससे कार निर्माता और ग्राहक दोनों को फायदा मिलता है। सरल भाषा में बोलें तो 3 Cylinder इंजन 4 Cylinder से सस्ता पड़ता है।
  • Low Emission/ कम प्रदूषण :- एक सिलिंडर के कम होने से कहीं ना कहीं Emission पर भी फर्क पड़ता है। इसी वजह  से Global Manufacturer अब 3 Cylinder इंजन पर ध्यान देने लगे हैं।

 

नयी Ford Ecosport में जो 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन है वो अब 4 Cylinder के बजाय 3 Cylinder आएगा।

आपकी जेब और वातावरण को ध्यान में रखते हुए 3 Cylinder इंजन 4 Cylinder से आगे है और Performance और Smoothness में 4 Cylinder 3 Cylinder से आगे है।

अब ये कार निर्माताओं के ऊपर है कि कैसे उन्होंने अपने 3 Cylinder इंजन को Design और Refine किआ है।

बहुत से कार निर्माता Balancer Shaft का उपयोग करके Vibrations को कम करते हैं, और पावर बढ़ाने के लिए Turbocharger का उपयोग कर रहे हैं।

9 COMMENTS

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