Engine Seize होने से कैसे बचाएँ। क्या हैं मुख्य कारण

आप सभी को पता है की एक इंजन का गाड़ी में होना कितना महत्व रखता है। इंजन गाडी का दिल माना जाता है। इसका ठीक होना काफी ज्यादा जरूरी है नहीं तो गाड़ी और बैलगाड़ी में कोई अंतर नहीं रह जाता है। इसका महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है की ये आपकी गाडी को खींचता है और आपके लिए काम करता है। यह इसलिए भी है क्योंकि अगर इसमें खराबी आ जाती है तो ये अच्छा खासा खर्चा भी निकलता है आपकी जेब में छेद करने के लिए या फिर आपका बजट बिगाड़ने के लिए।

मुख्यतः इंजन में जो बड़ा काम निकलता है वो दो तरीके का होता है

1- Engine Overhauling
2- Engine Seize

1- Engine Overhauling

अक्सर इंजन का ज्यादा इस्तेमाल करने से उसके पुर्जों में घिसाव होने के कारण आपका इंजन कमजोर हो जाता है लेकिन फिर भी काम करता है। वह पहले की तरह ताकत और माइलेज नहीं देता। तो इस कमजोर इंजन के रिपेयर को इंजन ओवरहालिंग बोला जाता है।

2- Engine Seize होना

यह समस्या काफी गंभीर है क्योंकि इस स्थिति में इंजन कमजोर नहीं, बल्कि खत्म हो चुका होता है। उसके अंदर टूट फुट हो चुकी होती है। इंजन घूमने की स्थिति में नहीं होता। और अक्सर ये होता है हमारी लापरवाही के कारण। और इसके रिपेयर में भी काफी ज्यादा खर्च आता है और कभी तो स्थिति इतनी भयानक हो जाती है की आप थोड़े से और पैसे मिलाकर नया इंजन लगवा सकते हैं , मतलब इंजन किसी काम का नहीं रहता।

तो ऐसा होता ही क्यों है। क्या कारण हैं Engine Seize होने के आईये जानते हैं।

1- Engine Overheat होने पर

आमतौर पर जब गाडी का इंजन overheat होता है तो गाडी के Dashboard में Warning Light जल जाती है जिससे ड्राइवर को पता चल जाता है की गाड़ी में कुछ गड़बड़ है लेकिन अगर ड्राइवर इस इशारे को नजरअंदाज कर दे और गाडी चलाता जाये तो ये भयानक स्तिथि बन सकती है। इंजन के पुर्जे जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाएंगे और आपस में चिपक जायेंगे, जिसे आप Melt एंड Weld भी कह सकते हैं।

engine seize
Overheating Warning

ओवरहीटिंग के कई कारण हो सकते हैं जैसे

-कूलैंट का खत्म हो जाना
-वाटर पंप का काम न करना
-इंजन आयल ना होना
-रेडिएटर का ख़राब होना आदि।

2- Timing Belt/Chain टूट जाने पर

इंजन में Crankshaft और Camshaft के सही टाइमिंग के लिए इंजन में एक बेल्ट या चैन लगी होती है। सही टाइमिंग होने पर इंजन के Intake और Exhaust VALVE सही समय पर खुलते और बंद होते हैं जिससे वह Piston में न टकराए। लेकिन इन टाइमिंग चैन / बेल्ट को एक निर्धारित समय पर बदलना पड़ता है और अगर लापरवाही से इसे सही समय पर न बदला जाए तो ये टूट भी सकती है जिससे इंजन के Valve और Piston आपस में टकरा जाते हैं और सिलिंडर की दीवार और पिस्टन को नुकसान पहुँचता है और Engine Seize होने की स्तिथि हो जाती है।

engine seize
Timing Belt

3- Hydrolock (इंजन में पानी घुस जाना)

यह दिक्कत तब आती है जब गाडी के इंजन के अंदर पानी घुस जाता है। इंजन के अंदर पानी घुस जाने पर कम्प्रेशन स्ट्रोक के दौरान पिस्टन पर बहुत बुरा दबाव पड़ता है क्योंकि पानी Compress नहीं होता जिससे पिस्टन के क्षतिग्रस्त होने के या फिर कनेक्टिंग रोड के मुड़ जाने या टूट जाने के आसार रहते हैं। तभी बरसात के दिनों में जमे हुए पानी में गाडी चलाने को मना किया जाता है।

engine seize
Piston Bent By Hydrolock

तो यही कुछ मुख्य कारण हैं जो हमारी लापरवाही से होते हैं नहीं तो ऐसी नौबत कभी ना आये। गाड़ी में लगा कंप्यूटर अपने इंजन और अन्य यंत्रों का परिक्षण करते रहता है, अगर कोई खराबी या गंभीर समस्या है तो वह आपको पहले ही संकेत दे देता है , गलती होती है तब जब उन निर्देशों का हम गंभीरता से नहीं लेते और फिर बाद में पछताते हैं। लेकिन पछताने से कुछ नहीं होता क्योंकि उसके लिए मोटा खर्चा करना पड़ता है।

तो आप भी इन बातों को ध्यान में रखें और अपनी गाडी का सालों साल लुफ्त उठाएं।

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