कोहरे में ड्राइविंग ! दिमाग खोल के यह पोस्ट पढ़ें।

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उत्तर भारत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है ये ” कोहरा ” जिसने कईयों को मौत की नींद सुला दिया और कईयों के घर उजाड़ दिए कईयों को अपाहिज कर दिया। जी हाँ बिल्कुल सही पहचाना, हम बात कर रहे हैं कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं की। कई बार सैकड़ों गाड़ियां टकरा जाती है। और कारण क्या होता है बस एक छोटी सी दुर्घटना जिससे और गाड़ियां भी दुर्घटना का शिकार हो जाती है। इस कोहरे को तो रोका नहीं जा सकता लेकिन हम कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो हम हमेशा सुरक्षित रहेंगे।

driving in the fog
Accident Due to Fog

कोहरे में ड्राइविंग करते समय ये ध्यान में रखें।

1- कोहरे में ड्राइविंग करना मतलब आंख में पट्टी बांध कर दौड़ लगाना। तो भलाई इसी में है की अपनी गाड़ी की रफ़्तार को इतना रखें की आप दो से तीन सेकंड में अपनी गाडी को रोक सकें। ज्यादा रफ़्तार मतलब गाड़ी का देर में रुकना और ऊपर से ज्यादा जोर की टक्कर होना।

 

2- सीधी बात, अगर गाडी चलानी नहीं आती तो रोबिन हुड बनने की कोशिश न करें। आपका थोड़ा सा बचपना आपको तो नुकसान पहुंचाएगा ही लेकिन इसका खामियाजा और लोगों को भी भुगतना पड़ेगा। मतलब गाड़ी ना चलाएं।

3- नजर रोड पर रखें, नजारों पर नहीं। जरा सी चूक और ध्यान भटकने की देर है फिर सबकुछ तबाह। हमेशा नजर रोड पर या रोड की मार्किंग या फिर किनारी पे रखें और आगे के लिए हमेशा सतर्क रहे।

4- आगे वाली गाडी से उचित दूरी बना के चलें जिससे आपके पास उचित समय हो अपनी गाड़ी को रोकने के लिए।

5- हमेशा लाइट जला कर चलें और लौ बीम पर ही लाइट को रखें। हाई बीम का कोहरे पर कोई असर नहीं पढता उल्टा आपको आगे देखने में दिक्कत होगी। फोग लैंप अगर है तो उसे जलाना ना भूलें। फोग लैंप रोड में फोकस करती है जो आपको रास्ते का मार्गदर्शन करवाती है। लाइट जलाना इसलिए भी जरूरी है ताकि और वाहनों को पता चल सके की आप भी रोड में हैं।

6- एकदम से रोड की बीच में न रुकें, अगर रुकना पड़ता है तो गाड़ी रोड के बाएं तरफ कर लें और हो सके तो रोड से निचे कच्ची सड़क पर उतार लें।

7- हीटर चला कर गाड़ी के शीशों पर धुंध ना जमने दें।

8- म्यूजिक सिस्टम को बंद ही कर दें तो बढ़िया है इससे आपका ध्यान ही नहीं भटकेगा साथ ही कोई साईरन या सांकेतिक ध्वनि को आप सुन पायेंगे।

9- जरूरत से ज्यादा वजन गाडी में न रखें इससे गाड़ी रुकने में समय लगाती है।

10- यात्रियों से बोलें की सही तरीके से बैठ जाएं और कसकर गाड़ी की सीट और हैंडल को पकड़ कर रखें और आपातकालीन स्तिथि के लिए हमेशा तैयार रहे। ढीले होकर बैठने से चोट लगने की सम्भावना बढ़ जाती है।

11- अपने सहयात्रियों से भी बोलें की अपनी नजर रोड पर रखें और खतरे का अंदेशा होने पर बताएं। मतलब जितने यात्री उतनी आंखें और उतनी ही दुर्घटनाओं की संभावना कम।

12- आपात कालीन स्तिथि में रुकने पर गाड़ी की हैजर्ड लाइट चालू कर दें।

13- गाड़ी के टकरा जाने पर अगर सब सही सलामत हैं तो तुरंत गाड़ी से उतर जाएं और रोड के किनारे सुरक्षित जगह पर पहुँच जाएँ।

14- दुर्घटना क्षेत्र से पीछे जाकर अन्य गाड़ियों को रुकवाने की कोशिश करें ताकि वो पहले से क्षतिग्रस्त गाड़ियों में न टकराए।

15- दुर्घटना होने पर तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित करें।

हमारी सतर्कता और हमारी सूझ बूझ ही हमें कोहरे से होने वाले हादसों से बचा सकती है। तो हमेशा समझदारी से काम लें। और सुरक्षित चलने का प्रयास करें। उम्मीद है इस सभी बातों को आप ध्यान में रखेंगे और इनका पालन करेंगे।

इस वीडियो को भी देखना ना भूलें।

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Ravindra is an Engineer by profession and has worked with leading MNCs in this sector. With 7 years of experience in Automobiles, he also pens down Driving lessons like a pro.

5 COMMENTS

  1. Thanks ravindra sir really appreciate your effort and prompt response. Accha laga ki ye article aapne hindi mein likha jisse zyada log ise padhe aur samajhe

  2. aise highways par aise season me fog lamps mandatory kyu nahi kar dene chahiye? ya yamuna expressway 3 -4 ghante pahle paar karne par tripple tole vasoolna chahiye. 200 km in 4 hrm means 50 kp per hour

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