Service Center में होने वाले fraud/scam से कैसे बचें?

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भरोसे पे सारी दुनिया टिकी है, और सर्विस के सारे काम भरोसे के होते हैं। आम आदमी के लिए काफी मुश्किल होता है ये पता लगा पाना की उसकी गाड़ी की सर्विस ठीक तरीके से हुई है या नहीं। इसी बात का फायदा उठा कर सर्विस सेंटर वाले या मैकेनिक ग्राहक को बेवकूफ बना लेते हैं और उसे इस बात की हवा भी नहीं लगती। भोला भाला ग्राहक बड़े भरोसे के साथ अपनी गाड़ी Authorized Service Center में छोड़ के अपने घर या काम पर चला जाता है वो भी इस भरोसे के साथ की यहाँ पर मेरी गाड़ी की ये लोग अच्छी तरह देखभाल और सर्विस करेंगे लेकिन होता कुछ और है , गाड़ी धोकर और पोंछकर ग्राहक को पकड़ा दी जाती है। जी हाँ इसे कहते हैं service center scam

मैं आपको बता दूँ की ऐसी धोखाधड़ी/scam में कंपनी का कोई हाथ नहीं होता और न ही हर कोई डीलरशिप/service center में ऐसी धोखाधड़ी/scam होती है। और जहाँ पर होती है वहां सीधा नुकसान ग्राहक का ही होता है, आने वाले समय में उस ख़राब सर्विस की वजह से ग्राहक की गाडी में कोई खराबी आती है तो उसमे नुकसान ग्राहक का ही होता है।

आइये अब बात करते हैं की किन परिस्तिथियों में धोखाधड़ी के आसार बढ़ जाते हैं।

  • जब आप अपनी गाड़ी सर्विस के लिए खड़ी कर के अपने घर या काम पर चले जाते हैं।
  • जब सर्विस स्टेशन/service center वालों को समझ आ जाता है की आपको सर्विस के बारे में कोई ज्ञान नहीं है या आपको बिल्कुल भी नहीं पता के सर्विस के दौरान क्या क्या होता है।
  • जब कोई लेडीज गाड़ी सर्विस करवाने के लिए लेकर जाती है तब भी धोखाधड़ी की गुंजाईश बढ़ जाती है।

आखिर सर्विस में धोखाधड़ी/scam होती किस चीज की है ?

  1. आपकी गाड़ी की सही तरीके से जांच न करना।
  2. इंजन ऑइल, ऑइल फ़िल्टर का ना बदलना और बिल कर देना या इंजन ऑइल को अच्छी तरह खाली ना करना या आधा खाली करके उसमें आधा नया ऑइल डाल देना।
  3. टायर की अदला बदली(Tyre rotation) न करना।
  4. जरूरत न होने पर भी पार्ट को बदल देना और बिना पार्ट को गाड़ी में लगाए बिल में लिख देना।

ऐसे कई चीज़ें है जिनमे सर्विस सेंटर वाले ग्राहक को बेवकूफ बना लेते हैं।

तो अब आइये जानते हैं की इस तरह की धोखाधड़ी/scam से कैसे बचा जाए।

  1. सर्विस आप अपने करीबी या फिर जानने वाले मैकेनिक से या किसी भरोसेमंद डीलरशिप में जाकर अपनी गाड़ी की सर्विस करवाएं।
  2. गाड़ी को सर्विस के लिए सर्विस सेंटर में छोड़कर ना आएं, जब आपकी गाड़ी की सर्विस हो रही हो तो आप वहां पर मौजूद रहे।
  3. अगर किसी कारणवश आपको गाड़ी छोड़नी पड़ती है तो उसके इंजन ऑइल का रंग देख लें , पुराने इंजन ऑइल में आपको कालापन मिलेगा और वहीँ नया ऑइल आप देख कर ही पहचान लेंगे। डीजल गाड़ी में आपको ऑइल के रंग से नहीं बल्कि सूंघकर पता लगाना है , पुराने ऑइल से जलने की बदबू आएगी जबकि नया इंजन ऑइल में काफी कम या ना के बराबर होगी।
  4. अपने Service Adviser से कहें की जब भी ऑइल या फ़िल्टर बदले जाए को वो आपको बुला कर आपके सामने उनको बदलवाए।
  5. कुछ डीलरशिप में वर्कशॉप के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती तो आप पहले से बात करके अनुमति ले लें।
  6. सर्विस के बाद बिल को जरूर देखें की उसमे कोई गलती तो नहीं है।

तो इस तरह सर्विस में धोखा होने से कुछ हद तक बचा जा सकता है और सर्विस में गाड़ी ले जाने से पहले अपनी ओनर मैन्युअल को खोल कर एक बार जरूर देख लें जिससे आपको पहले ही पता चल जाए की इस सर्विस में क्या क्या काम होने है।

तो मई उम्मीद करता हूँ की आप लोग हमेशा सतर्क रहेंगे और धोखाधड़ी की नौबत कभी आएगी ही नहीं। और हाँ अगर आपके साथ ऐसा धोखा कभी हुआ है तो आप जरूर कमेंट में लिखकर बताएं और साथ ही साथ इस वीडियो को जरूर देखें।

1 COMMENT

  1. Very good points Ravindra ji.

    I own Tata Tiago (Sold my 10 year old Santro) , Skoda Rapid (Diesel) and VW Vento. And to my surprise people shout a lot for Skoda Service and parts (Similar to Ford) but as per my personal experience and owning so many different brands the best till date is Skoda.
    Although i never left my car at service center and get it serviced/fixed in front of my eyes. Skoda always give you back the old stuff they replace and for minor issues they never charged me penny, where as VW is always on higher side on the name of premium and charge for smaller stuff as well. Skoda diesel filter cost 1100/- Rs, where as for Verna its 2100/- but still people are on the other side. As Amit ji rightly mentioned many no of times that those people comment who has never used the car about which they are commenting (just based on rumors).
    Experience with Tata is also good so far, i would so not so good not bad. Good thing i liked about Skoda and VW is they don’t force the customer for 3rd party goods, where as Hyundai they always have list of products to force at customers. Some might agree and some might not, as i think lot depends upon dealership with whom you are interacting and also the circumstances. Same can be good for one but worst for others. 🙂

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