Tata ने किया Indica व Indigo eCS को टा-टा , नहीं होगा अब दोनों कारो का उत्पादन।

टाटा मोटर्स ने Indica और Indigo eCS के उत्पादन को रोक दिया है। Indica टाटा मोटर्स की पहली हैचबैक व इंडिगो एक c-सेगमेंट सेडान कार थी। जिन्होंने टाटा को ऑटो-जगत में पहचान दिलाई थी।

 

 

 

 

 

 

टाटा ने इन कारों के आखिरी बैच को डीलरशिप में भेजने के साथ इसके उत्पादन को रोक दिया है। हलाकि टाटा मोटर्स मालिकों को आवश्यक सेवा समर्थन और स्पेयर पार्ट्स प्रदान करना जारी रखेंगे। टाटा मोटर्स ने यह कदम घिरती इंडिका व इंडिगो की सेल्स के कारण उठाया है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2015 में इंडिका top-30 selling cars की सूचि में 23-वे व इंडिगो 24वे पायदान पर थी। वही 2016 में इंडिगो इस सूचि से बाहर हुयी व इंडिका भी 29वे पायदान पर लुढ़क गयी थी। वही 2017 में दोनों कारे top-30 selling cars की सूचि से बहार होती दिखाई दी, जिनकी जगह फर tiago व zest ने ली।

अप्रैल 2017 में जहा इंडिका की सेल्स केवल 239 यूनिट्स रही, वही इंडिगो सीरीज 418 यूनिट्स पर बनी रही। मार्च 2018 में इंडिका के केवल 32 यूनिट्स ही बिक पाए। जो आगे चल अप्रैल 2018 में शुन्य पर पहुंच गयी। इंडिका व इंडिगो की सेल्स में गिरावट मुखतः इनमे अपनी प्रतिस्पर्धाओ की तुलना में कम फीचर्स, इंजन सम्बन्धी मुद्दे व उतनी ज्यादा स्टाइलिश न होना भी था। जिसे टाटा की impact डिज़ाइन लैंग्वेज पर आधारित tiago, nexon, tigor, hexa जैसी कारो ने अप्रैल 2017 की तुलना में अप्रैल 2018 में 36.19% की बिक्री दर में वृद्धि के साथ पूरा किया।

रतन टाटा, इंडिका की पहले प्रोडक्शन मॉडल के साथ

इंडिका को टाटा ने मारुती से कड़ी टक्कर लेने के रूप में 1998 में उतारा था। यह टाटा मोटर्स की पहली पैसेंजर कार थी। जिसकी लॉन्चिंग से ही एक साल में कंपनी ने इंडिका के 1 लाख से भी अधिक यूनिट्स बेच दिए थे। इसे भारत की पहली स्वदेशी विकसित पैसेंजर कार भी माना जाता है। अपने लांच के 10 सालो में ही इंडिका ने 9 लाख से अधिक यूनिट के उत्पादन आंकड़े को छू लिए था। FY-2007 में इंडिका की वार्षिक बिक्री 144,690 यूनिट्स थी। जिसे यूरोप व अफ्रीका के बाज़ारो में भी बेचा जाता था। इसी के साथ  इंडिगो के 2002 से 2018 तक के सफर को भी अब टाटा ने फेयरवेल दे दिया है। 

 

 

 

Leave a Reply